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आतंकवादी घटनाओं आदि से सजग रहने हेतु
आवश्यक निर्देश

किसी भी अपरिचित व्यक्ति के द्वारा दिया गया कोई सामान न लें।
यात्रा की अवधि में किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर भरोसा न करें।
अपने आस-पास से बार-बार गुजरने वाले व्यक्ति को संदिग्द्ध दृष्टि से देखें और उसकी गतिविघियों पर भी सर्तक दृष्टि रखें।
यदि आप होटल/धर्मशाला/आश्रम के स्वामी/संचालक हैं तो अपने यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पहचान पत्र अवश्य चैक कर ले और तभी उन्हें ठहरायें।
संदिग्द्ध वस्तु जैसे- लावारिस बैग, फोन, रेडियो अथवा कोई भी अन्य इलैक्ट्रोनिक सामान दिखाई देने पर उसे कदापि न छुयें, अपितु उसकी सूचना तत्काल 100 नम्बर अथवा नजदीकी थाने पर दें।
आतंकवादी गतिविधियों के परिपेक्ष्य में सदैव सर्तक व जागरूक रहें।
यात्रा करते समय अपने आस पास के स्थान को अवश्य देख लें, यदि आपके आस-पास अथवा गाड़ी की सीट पर/सीट के नीचे कोई लावारिस वस्तु है तो उसे न छुंयें और उसकी सूचना तत्काल 104 नम्बर या नजदीकी थाने को देंं।
मेला क्षेत्र में किसी भी स्थान, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन आदि अन्य स्थानों पर लावारिस/संदिग्ध वस्तु इत्यादि की जानकारी होने पर तत्काल सबसे निकट के थाने/जी0आर0पी0, चौकी या 104 नम्बर पर सूचना दें।
किसी आकस्मिक दुर्घटना हाने पर तत्काल घायलों के सम्बन्ध में नजदीकी पुलिस थाना पर सूचना देकर प्राथमिक चिकित्सा हेतु घायलों को चिकित्सालय भिजवाने में पुलिस एवं स्वास्थय कर्मियों की सहायता करें।

सिनेमा हॉल/पंडाल/प्रर्दशनी आदि स्थानों पर बैठने से पूर्व अपने आस-पास के क्षेत्र को सर्तकता पूर्वक देख ले, यदि कंही कोई लावारिस या संदिग्द्ध वस्तु दिखाई देती हे तो तत्काल नजदीकी थाने या 104 नम्बर पर डायल कर सूचना दें।

विस्फोट होने की स्थिति में भीड़-भाड़ वाले स्थान को खाजी कर दें और किसी खुले मैदान में आश्रय लें।
कोई घटना या विस्फोट होने पर अस्पताल में अनावश्यक भीड़ न लगायें, किसी भी जानकारी के लिए 104 नम्बर डायल करें।
अफवाहों पर ध्यान न दें, पुलिस के उद्घोषणा के अनुसार कार्यवाही करें।
घ् किसी घटना या विस्फोट के हो जाने पर भगदड़ न मचायें, संयम और धर्य का परिचय देते हुये पुलिस का सहयोग करें।
यथा संभव प्रमाणित पहचान पत्र अवश्य साथ रखें।
   
आग की रोकथाम हेतु आवश्यक निर्देश क्या करें (Do's)
आग लगने पर तत्काल टोल फ्री 100/104/108 आपातकालीन नम्बर डायल करें।
आग लगने पर आग-आग कहकर शोर मचाइये। फायर सर्विस पहुंचने तक आग बुझाने का हर सम्भव उपाय कीजिये। घी या तेल की आग को मिट्‌टी या बालू से बुझाइए।
आग की सूचना देते समय घबरायें नहीं बल्कि अपना सही पता, मुख्य मार्ग अथवा किसी प्रसिद्ध स्थान का जिक्र अवष्य करें, जिससे फायर यूनिट अविलम्ब घटनास्थल पर पहुंच सके।
यदि आपके कपड़ों पर आग लग जाती है तो भागिये नहीं, बल्कि हो सके तो कम्बल लपेटिये अथवा जमीन पर लोट-पोट लगाईये।
कमरा/टैन्ट, झोपड़ी छोड़ने से पूर्व अंगीठी या चूल्हे की आग को अच्छी तरह से बुझा दीजिये।
आग बुझाने में फायर ब्रिगेड की मदद कीजिये।
आग लगने पर आस-पास के टैण्टों, फुस की झोपड़ियों को हटा दीजिये और जिन झोपड़ियों/टैण्ट में आग लगी है उसे गिराकर उस पर बालू या पानी डालिये।
बीड़ी, सिगरेट, जली माचिस के टुकड़े आदि पीने के पश्चात बुझा कर फेंकिये।
चूल्हे की गर्म राख बुझाकर ही कूड़ेदान में फेंकिये तथा अधजली लकड़ी को अलग रखिये।
दीपक, मोमबत्ती या खुली जलती आग को लेकर इधर-उधर न जाइये।
तेज हवा के समय खुले मैदान में खाना न पकाइये।
कुकिंग गैस सिलेण्डरों को प्रयोग से पहले भली प्रकार चैक कर लें और सड़क पर गैस सिलेंडर रख कर खाना न बनायें।
इस सम्बन्ध में आपकी चेतना व सतर्कता ही मुख्य सुरक्षा है।
क्या न करें (Do'nt)
बिस्तर पर लेटकर लापरवाही से बीड़ी/सिगरेट आदि न पियें।
बीड़ी/सिगरेट आदि जलाने के बाद माचिस की तीली को बुझानें के उपरांत ही फेंके।
खाना पकाने के बाद गर्म राख को इधर-उधर न फेंके, अंगीठी या चूल्हे को इत्मीनान से वहीं पानी डाल कर बुझा दें।
पैट्रोल/तेल व स्प्रिट इत्यादि के पास बीड़ी/सिगरेट आदि न पियें।
बच्चों को दियासलाई की पहुंच से दूर रखिये।
स्टोव में कभी भी पैट्रोल या अति ज्वलनषील तरल पदार्थ प्रयोग न करें।
फायर ब्रिगेड के कार्य में हस्तक्षेप न करें वरन उन्हें हर सम्भव सहयोग दें।
पाइप लाईन पर लगे जल श्रोतों को क्षति न पहुंचाये।
कुकिंग गैस सिलेण्डरों का प्रयोग करने से पहले भली प्रकार चैक करने के उपरांत ही प्रयोग करें। लीक करते गैस सिलेण्डरों का प्रयोग कदापि न करें।
तेज हवा चलने पर खुले में आग न जलायें।
शिविरों में कटिया लगाकर विद्युत व्यवस्था न करें।
कुम्भ मेला - 2010 में श्रद्धालुओं/स्थानीय नागरिकों हेतु आवश्यक निर्देश
शौचालयों के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान का प्रयोग नित्यक्रिया हेतु न करें।
कागज के टुकड़े, फलों के छिलके व अन्य कूड़ा करकट मात्र नियत स्थानों पर ही फेंके।
मेला क्षेत्र में जहां भी आप रह रहे हो, उस स्थान पर उसके आस पास उत्तम सफाई व्यवस्था रखें।
 षिविरों के समीप स्नान करना, वस्त्र धोना वर्जित हैं।
विकलांग व्यक्तियों की सहायता करें एवं उन्हें उनके निश्चित स्थान तक पहुंचने में भी उनकी मदद करें।

उठाईगीरी, गिरहकटों व चोरों से सावधान रहें व अपने सामान की सुरक्षा के प्रति सचेत रहें।

भूले-भटकों की सहायता करें।
छोटे बालकों को नदी के अन्दर जाने से रोकें।

यदि कोई व्यक्ति छुआ-छूत की बीमारी से ग्रसित हो तो उसकी सूचना पास के चिकित्सालय को दें।

यदि कोई लावारिस लाष मिले तो तुरन्त पास के थाने में सूचना दें।
जहां पर तार खींचे हों या बैरिकेड हो वहां पर तारों या बैरीकेड के ऊपर से न जायें, क्यो कि यह जानलेवा हो सकता है।
पानी के तालाबों, रेलवे की क्रासिंग एवं अन्य स्थानों जहां पर ”इधर से जाना वर्जित है” सम्बन्धी बोर्ड लगे हैं, की ओर न जायें, क्यो कि यह आप की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
यदि कोई खोया हुआ बच्चा या व्यक्ति मिले तो तुरन्त बच्चे को खोया पाया केन्द्र में पहुंचायें व इसकी सूचना पास के थाने, मेला कोतवाली व कन्ट्रोल रूम को अतिषीघ्र दे।
यदि आप केवल स्नान हेतु आये हैं तो अपना सामान अमानती गृह में रखें अथवा गाड़ी मे छोड़कर आयें।
स्नान घाटों की सुरक्षा हेतु निर्देश
 स्नान घाटों पर बैग,इलेक्ट्रोंनिक उपकरण, बन्द पैकेट ले जाना वर्जित है।
स्नान घाटों पर प्लास्टिक का प्रयोग वर्जित है।
स्नान के बाद घाटों को तत्काल खाली कर दें।
घाटों पर दीपदान के लिए खाली दोना और दीपकवाले दीप का प्रयोग करें, फूलों वालें नहीं।
घाटों पर फोटो खींचना व वीडियोग्राफी करना वर्जित है।
घाटों पर पुराने वस्त्र, खण्डित मूर्तियां एवं सूखे फूल न डालें।
घाटों पर हवन करना वर्जित हैं।
घाटों पर आने-जाने व नहाने के समय धक्का-मुक्की न करें।
घाटों पर पानी ठण्डा है व वहाव तेज है। एकाएक कूदने से दुर्घटना हो सकती है।
हर की पैडी पर जूते बहनकर जाना वर्जित है।
घाटों व उसकी सीढ़ियों पर वस्त्र धोना वर्जित है।
घाटों पर खोमचे, फेरी वाले, अन्य मदारी व भिखारियों आदि का आना वर्जित है।
कीमती सामान जैसे घड़ी/जेवर आदि पहनकर स्नान हेतु न जायें।
अपने निवास के निकटतम घाट पर ही स्नान करें।
घाटों पर घूम रहे/मौजूद संदिग्ध व्यक्ति के सम्बन्ध मे तत्काल पुलिस को सूचित करें।


 

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